लुधियाना में सेंट्रल जेल में नशा सप्लाई रैकेट चलाने के आरोप में बुधवार को एक मेडिकल अधिकारी और एक तकनीशियन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि वे हवालातियों की मदद से जेल के भीतर नशा पहुंचाते थे और इसके बदले उनके परिजनों से UPI के जरिए पैसे वसूलते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डॉ. प्रिंस (मेडिकल ऑफिसर) और जसपाल शर्मा (टीबी तकनीशियन) के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी के बाद जेल में तैनात आधा मेडिकल स्टाफ फरार बताया जा रहा है। यह कार्रवाई एक महीने की जांच के बाद की गई। 27 अक्टूबर को जेल स्टाफ ने हवालातियों से 117 नशीली कैप्सूल और 3 मोबाइल फोन बरामद किए थे, जिसके बाद FIR दर्ज की गई थी। पूछताछ में दोनों अधिकारियों के नाम सामने आए और पुलिस ने निगरानी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि आरोपी इलाज के नाम पर कैदियों को सिविल अस्पताल रेफर करवाकर भी पैसे वसूलते थे। पुलिस को उनके बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेनों के साक्ष्य मिले हैं और मामले में और लोगों की संलिप्तता की आशंका है।

