जालंधर के व्यस्त मिलाप चौक के पास एक 55 वर्षीय व्यक्ति का शव दो दिनों तक सड़क किनारे लावारिस हालत में पड़ा रहा। हैरानी की बात यह रही कि पास ही थाना डिवीजन नंबर 3 होने के बावजूद पुलिस ‘इलाका मेरा नहीं’ कहकर टालती रही। स्थानीय एडवोकेट अशोक शर्मा की सक्रियता के बाद मामला सामने आया, जिसके बाद अंततः थाना डिवीजन नंबर 4 की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटना ने पुलिस की संवेदनशीलता और ‘जीरो नंबर एफआईआर’ के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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