पंजाब के जालंधर देहात के थाना पतारा क्षेत्र में 26 नवंबर को हुए जानलेवा हमले में घायल युवक तेजिंदर सिंह ने 12 दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौत के बाद पुलिस ने मामले में धारा 302 (हत्या) जोड़कर कार्रवाई तेज कर दी है।
मृतक की पहचान राजेंद्र सिंह उर्फ निक्का (निवासी तल्लन) के रूप में हुई है। पुलिस ने तेजिंदर की मां के बयान पर पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि इस वारदात का मास्टरमाइंड गुरदीप सिंह है, जो तेजिंदर का बुआ का बेटा बताया जा रहा है और दोनों के बीच पुरानी रंजिश थी। गुरदीप अभी फरार है।
पुलिस ने हमले में शामिल चार आरोपियों — परजिंदर सिंह, जसकरण सिंह, मनप्रीत सिंह उर्फ मोहित और जिंदर उर्फ लाडी — को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर चार दिन का रिमांड हासिल कर लिया है। मुख्य आरोपी गुरदीप की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं।

